खिलाड़ी नंबर 4- शंकर सिंह वाघेला और AAP
साल 1995 में गुजरात पहला ऐसा सूबा बना जहां बीजेपी ने बहुमत की सरकार बनाई. पार्टी को 182 में से 121 सीटें मिलीं. इस बड़ी कामयाबी का सेहरा शंकर सिंह वाघेला के सिर भी बंधा. लेकिन, कुछ सालों के बाद चीजें बदल गईं और मनमुटाव होने पर वो कांग्रेस में शामिल हो गए. शंकर सिंह वाघेला गुजरात की राजनीति का वो चेहरा जो अक्सर एकला चलो के रास्ते पर अड़ा रहा है. इस बार वो जन विकल्प मोर्चा के साथ तैयार हैं. हालांकि, चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर कर सकने के उनके आसार कम ही दिखते हैं. कुछ लोग तो वाघेला को बीजेपी की बी टीम भी मानते हैं. उधर, 11 उम्मीदवारों के साथ उतर रही आम आदमी पार्टी का कहना है वो उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है जहां उसका थोड़ा-बहुत आधार है.
तो हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर, जिग्नेश मेवाणी और शंकर सिंह वाघेला—-ये हैं वो चार वार जिन पर गुजरात चुनाव में सबकी नजर रहेगी. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए गुजरात चुनाव बीते तीन साल में सबसे बड़ा इम्तेहान साबित होने जा रहा है. और ये चेहरे सबसे बड़ी चुनौती.

















