
उन्होंने बताया कि एमडीआर(मल्टी ड्रग रजिसटेंस) टीबी को दूर करने के लिए जरूरी है कि सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाए। इस बात की जांच हो कि उन्हें एमडीआर टीबी क्यों हुई। यदि उन्होंने दवा शुरू की थी तो बीच में छोड़ी क्यों। इसका पता लगने के बाद ही उनका उचित इलाज हो सकता है। सिर्फ यही रास्ता है जिसके जरिए इस खतरनाक एवं दिन पर दिन बढ़ रहे रोग पर काबू किया जा सकता है। शेष सभी विकल्प सिर्फ लकीर पीटने जैसे हैं।
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