ईरान में करीब दस महीने से फंसे 10 भारतीय नाविक डिप्लोमैटिक कोशिशों के बाद रिहा हो गए हैं। सरकार ने कहा कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और जल्द ही उनके भारत लौटने का इंतज़ाम किया जाएगा।
पिछले कई महीनों से ईरान में फंसे 10 भारतीय नाविकों को आखिरकार राहत मिल गई है। भारत सरकार के शिपिंग महानिदेशालय ने घोषणा की है कि तेल टैंकर ‘MV हार्बर फीनिक्स’ पर सवार सभी 10 भारतीय नाविकों को सफल डिप्लोमैटिक कोशिशों के बाद रिहा कर दिया गया है। इन नाविकों को जुलाई 2025 में ईरान में जस्क पोर्ट के पास जहाज को रोकने के बाद हिरासत में लिया गया था और बाद में जेल भेज दिया गया था।
करीब 9 से 10 महीने तक अनिश्चित स्थिति में रहने के बाद, अब इन नाविकों की रिहाई मुमकिन हो पाई है। सरकार ने एक बयान में कहा कि यह सफलता लगातार डिप्लोमैटिक संपर्कों और अलग-अलग सरकारी एजेंसियों की मिली-जुली कोशिशों का नतीजा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रही जानकारी के मुताबिक, सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित हैं। उन्हें फिर से मिला दिया गया है और उनकी जल्द से जल्द भारत वापसी के इंतज़ाम किए जा रहे हैं। नाविकों के परिवार लंबे समय से उनकी वापसी का इंतज़ार कर रहे थे और अब उनकी रिहाई की खबर के बाद उनमें खुशी की लहर देखी जा रही है।
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सरकार ने कहा कि विदेश मंत्रालय, पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज़ मंत्रालय, तेहरान में भारतीय दूतावास, जहाज़ के मैनेजमेंट और दूसरी संबंधित एजेंसियों ने लगातार बातचीत और डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी रखीं। इन उपायों की वजह से सभी नाविकों की सुरक्षित रिहाई हो पाई।
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ शिपिंग ने एक बयान में कहा कि दुनिया में कहीं भी सेवा दे रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भलाई सरकार की प्राथमिकता है। इस मकसद से संबंधित एजेंसियां लगातार हालात पर नज़र रख रही थीं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, ‘MV हार्बर फीनिक्स’ पलाऊ के झंडे के नीचे रजिस्टर्ड एक ऑयल टैंकर है। जुलाई 2025 में ईरान के जस्क पोर्ट के पास जहाज को रोके जाने के बाद मामला और उलझ गया था। इस दौरान भारत सरकार ने खुलकर बयान देने के बजाय शांत डिप्लोमैटिक स्ट्रैटेजी अपनाई।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि सावधानी से डिप्लोमैटिक कॉन्टैक्ट, लगातार बातचीत और अलग-अलग लेवल पर कॉन्टैक्ट बनाए रखने की पॉलिसी ने मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। अब सभी नाविक अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं, जहां उनके परिवार कई महीनों से उनका इंतजार कर रहे हैं।

















