बंगलौर स्थित सॉफ्टवेर कंपनी जो की ईवीएम की निर्माता है , इसमें एक ऑथेंटिकेशन यूनिट लगाई है जो की सिक्योर स्पिन की सेवा को जारी रखती है यह यूनिट 2006 में बनाई और टेस्ट की गयी थी लेकिन जब इसका इम्प्लीमेंटेशन करना था तो अंतिम समय पर रहस्यमी तौर इस यूनिट को हटा लिया गया | चुनाव आयोग के इस निर्णय को लेकर कई प्रश्न खड़े हुए थे लेकिन किसी का भी जवाब नही दिया गया |
EVMs को छुपाया जा सकता है
भारतीय evm को इलेक्शन से पहले या बाद में हैक्ड किया जा सकता है ,जैसा की उपर उल्लेख किया जा चूका है की evm में आसानी से सॉफ्टवेर या हार्डवेयर चिप को बदला जा सकता है कुछ सूत्रों के मुताबिक भारतीय evm को हैक करने के कई तरीके है यहाँ हम 2 तरीको का उल्लेख कर रहे है |




















