पारंपरिक कागज़ी प्रणाली ,नागरिको के मूलभूत अधिकारों को सुरक्षित रखती है क्योंकि मतदाता को पता रहता है की उसने किसे वोट दिया था! 1984 में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का उपयोग अवैध करार दे दिया था क्यूंकी रेप्रेज़ेंटेशन ऑफ पीपल (आ) एक्ट 1951 इसकी अनुमति नहीं देता!
आरपी अधिनियम की धारा 61आ को शामिल करके 1989 में इसी क़ानून मे संशोधन किया गया था! हालांकि, संशोधन मे यह सॉफ तौर पर था की ईवीएम मशीन का इस्तेमाल उन्ही निर्वाचन क्षेत्र या निर्वाचन क्षेत्रों में अपनाया जा सकता है जहाँ चुनाव आयोग प्रत्येक मामले की खास परिस्थितियों को ध्यान मे रखते हुए, आदेश इस संबंध मे आदेश जारी करता है




















