ममता ने कहा, “अपने इलाक़े में शांति बनाए रखना इस वाहिनी का काम होगा और प्रशासन इसमें पूरी मदद करेगा ताकि कोई अफ़वाह और सांप्रदायिक तनाव न फैला पाए.”

हालांकि विपक्षी दलों का कहना है कि ममता अपनी सरकार की नाकामी को छुपाने के लिए ऐसी वाहिनियों का गठन कर रही हैं.
आरोप
सीपीएम के मोहम्मद सलीम कहते हैं, “ममता बनर्जी जो घोषणा करती हैं वो घोषणा ही रह जाती है. जहां हंगामा चल रहा है वहां सैन्य और अर्धसैनिक बल तैनात करने की ज़रूरत है. वो चार दिनों से तनाव ही नहीं रोक पाई हैं और अब सांप्रदायिक तनाव रोकने की ज़िम्मेदारी जनता पर छोड़ रही हैं. प्रशासन तनाव रोकने में पूरी तरह से नाकाम रहा है.”

















