
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का आरोप है कि सत्तारूढ़ दल में ऐसे कई नेता हैं जिन्होंने सांप्रदायिक भाषण दिए हैं और अगर ऐसे लोग शांति वाहिनियों में रहे तो उनका कोई मायने ही नहीं रहेगा.
आरएसएस के दक्षिण बंगाल के प्रांत प्रचारक जिश्नू बसु कहते हैं, “पश्चिम बंगाल के लोग उनकी घोषणा को सुन के हंस रहे हैं. इन शांति वाहिनियों का नेतृत्व कौन करेगा?”
















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