मुहम्मद कमरूज़्ज़मा तनावग्रस्त क्षेत्र में ही रहते हैं और मुस्लिम नेता हैं. वो मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए कहते हैं, “ये सिद्धांत पहले ही लाना चाहिए था. हर मज़हब के नेता सांप्रदायिक तनाव कम करने के लिए काम कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग धर्म के नाम पर ऐसी स्थिति पैदा कर रहे हैं. सिर्फ शांति वाहिनी के गठन से काम नहीं चलेगा ऐसे लोगों को पकड़कर सज़ा भी दी जानी चाहिए.”
वहीं जिस बदूरिया इलाक़े में हंगामा की शुरुआत हुई थी वहां तो स्थिति सामान्य हो गई है लेकिन पास ही के बशीरहट क़स्बे में ताज़ा झड़पे हुई हैं.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जब दंगे में शामिल होने के आरोप में कुछ हिंदू नागरिकों की गिरफ़्तारी के लिए दबिश दी तो स्थानीय लोगों ने विरोध कर दिया और पुलिस के साथ झड़प हुई.
पुलिस के कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई है और आग लगा दी गई है. तनावग्रस्त क्षेत्र में बीएसएफ़ के जवानों को भी तैनात किया गया है.
प्रशासन ने इंटरनेट पर भी पाबंदी लगा दी है.
















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