उन्होंने बीबीसी से कहा, ”मुझे नहीं पता है कि आख़िर हुआ क्या था. कुछ भी कहना मुश्किल है क्योंकि मैं उसी वक़्त प्रार्थना करके आया था. एक आदमी ने मेरा हाथ पकड़ लिया. इसके बाद मैंने ख़ुद से ही कहा कि मैं भारतीय हूं. जिस कुर्सी पर सुरक्षा गार्ड बैठते थे उस पर उसने मुझे बिठा दिया.”
फादर टॉम ने कहा, ”मुझसे पूछा गया कि क्या मैं मुसलमान हूं. मैंने कहा कि नहीं मैं ईसाई हूं. इसके बाद उन्होंने मुझे एक कार में डाल दिया. वे मुझे कैंपस से बाहर ले गए. कुछ दूर ले जाने के बाद उन लोगों ने मेरी आंखों पर पट्टी बांध दी. इसके बाद उन्होंने मुझे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट कर दिया. इसके बाद हम अलग ठिकाने पर पहुंचे.”
















/odishatv/media/media_files/2026/04/19/billionaire-entrepreneur-2026-04-19-23-55-02.jpg)


