दुनिया भर के तमाम देशों के विरोध को एक सिरे से नज़रंदाज़ करते हुए आखिरकार डोनाल्ड ट्रम्प ने येरुशलम को इसराइल की राजधानी के रूप में मान्यता दे ही दी.
प्रेस कांफ्रेंस कर अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस फैसले का ऐलान किया. उन्होंने कहा की “अमेरिका की एम्बेसी तेल अवीव से येरुशलम ले जायेगा. अमेरिका हमेशा से दुनिया में शांति का पक्षधर रहा है और आगे भी रहेगा। सीमा विवाद में हमारी कोई भूमिका नहीं होगी”।



















