हारेट्ज़ के मुताबिक़, न्यूयॉर्क में पिछले महीने जब नेतनयाहू ने ट्रम्प से मुलाक़ात की तो अमरीकी राष्ट्रपति द्वारा फ़िलिस्तीन की समस्या का मुद्दा उठाए जाने से इस्राईली प्रधान मंत्री को बहुत आश्चर्य हुआ, इसलिए कि नेतनयाहू इस मुलाक़ात में ईरान के परमाणु समझौते पर बातचीत करने की उम्मीद लगाए बैठे थे।


















