रूस के सिनेटरों का कहना है कि अगर अमरीका इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते से बाहर निकला तो फिर विश्व स्तर पर अहम मामलों में भूमिका निभाने की बड़ी शक्तियों की योग्यता पर से भरोसा उठ जाएगा। रूस की सिनेट ने चीन, फ़्रान्स, जर्मनी, ब्रिटेन और यूरोपीय संसद से भी मांग की है कि परमाणु समझौते को बाक़ी रखने का हर संभव प्रयास किया जाए।
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