
उन्होंने दूसरे खाड़ी के देशों की भाति ईरान विरोधी रुख अपनाते हुए लिखाः “हम एक दूसरे के साथ कांधे से कांधा मिलाकर मौजूदा फासीवादी इस्लामी गणराज्य ईरान के खतरे के विरुद्ध खड़े होंगे”
उनके इस ट्वीट पर आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया है। बहरीन के आले खलीफ़ा से इस प्रकार का बयान ऐसी स्थिति में आया है कि जब एक तरफ़ संयुक्त राष्ट्र ने ट्रम्प के फैलसे के विरुद्ध एक बैठक करके उसपर वोटिंग की है। उसके विरुद्ध अमरीकी राष्ट्रपति ने धमकी भरे अंदाज़ में कहा है कि जो भी देश इस वोटिंग में भाग लेगा उसको अमरीका से मिलने वाली सहायता काट दी जाएगी।


















