नई दिल्ली, 2 सितंबर: जम्मू और कश्मीर में पांच आधिकारिक भाषाएं होंगी और उसी के लिए संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा। प्रस्ताव को आज यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई।
प्रकाश जावेड़कर ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि कैबिनेट ने जम्मू और कश्मीर के आधिकारिक भाषा विभाग को मंजूरी दे दी है, जिसमें पांच भाषाएं शामिल हैं। हिंदी, उर्दू, कश्मीरी और डोगरी के अलावा अंग्रेजी भी है।
प्रकाश जावेड़कर ने कहा कि विधेयक संसद में पेश किया जाएगा। इसलिए वे अभी इस कानून के बारे में अधिक जानकारी नहीं दे रहे हैं।




















