सातवें ओवर तक ही चेन्नई टीम के तीन प्रमुख विकेट गिर चुके थे.9वें ओवर में चेन्नई को एमएस धोनी (5) के रूप में एक और झटका झेलना पड़ा. लेग ब्रेक बॉलर मयंक मार्कंडे फिर से यह कामयाबी लेकर आए. धोनी एलबीडब्ल्यू हुए. 10 ओवर के बाद चेन्नई सुपरकिंग्स का स्कोर चार विकेट पर 56 रन था और टीम तमाम मुश्किल में नजर आ रही थी.
12वें ओवर में मुस्तफिजुर को रवींद्र जडेजा (12 रन, 13 गेंद, एक चौका) को सूर्यकुमार यादव से कैच कराते हुए चेन्नई की हालत और खस्ता कर दी. नए बल्लेबाज ड्वेन ब्रावो ने मार्कंडो को अगले ओवर में छक्का लगाया लेकिन वांछित रन रेट तेजी से ऊपर चढ़ रहा था और बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ रहा था.13वें ओवर में चेन्नई की मुश्किलें और बढ़ गईं. केदार जाधव को रिटायर होकर पेवेलियन लौटना पड़ा. उनके स्थान पर बैटिंग के लिए आए दीपक चाहर (0) की पहली ही गेंद पर मार्कंडे का शिकार बन गए. युवा लेग स्पिनर मार्कंडे का यह तीसरा विकेट रहा. उन्होंने चार ओवर में 23 रन देकर यह विकेट लिए.पारी का 14वां ओवर (गेंदबाज मुस्तफिजुर) चेन्नई के लिए अच्छा रहा.
ब्रावो और हरभजन ने इसमें 13 रन बनाए.15 ओवर के बाद चेन्नई सुपरकिंग्स का स्कोर सात विकेट पर 106 रन था.विकेटों की पतझड़ के बीच ड्वेन ब्रावो ने 18वें ओवर में मैकक्लेघन पर हमला बोला और दो छक्के लगाते हुए 20 रन ठोक दिए. आमतौर पर बेहद किफायती रहने वाले बुमराह को भी तीन छक्के लगाए. इस ओवर में भी 20 रन बने. यह ब्रावो की बैटिंग का ही कमाल था कि चेन्नई की जीत की उम्मीदें बढ़ने लगी थी. ब्रावो आखिरकार 68 रन (30 गेंद, तीन चौके और सात छक्के) बनाने के बाद बुमराह के शिकार बने. आखिरी ओवर में चेन्नई को जीत के लिए छह गेंद पर सात रन की जरूरत थी. रिटायर होने के बाद बैटिंग के लिए लौटे केदार जाधव ने मुस्तफिजुर को छक्का और फिर चौका जड़ते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया.
















/odishatv/media/media_files/2026/04/19/billionaire-entrepreneur-2026-04-19-23-55-02.jpg)


