यहां लाखों की संख्या में कलाकृतियां थीं जिसमें खनिज पदार्थ, ब्राज़ील का सबसे बड़ा उल्का पिंड, डायनासोर की हड्डियां और लूज़िया नामक एक महिला का 12 हज़ार साल पुराना कंकाल शामिल था.
इसके साथ-साथ इस म्यूज़ियम में पिछली कई शताब्दियों का इतिहास भी संरक्षित था, जैसे 1500 सदी में पुर्तगालियों के आगमन से लेकर 1889 में ब्राज़ील के गणतंत्र घोषित होने तक का इतिहास.
यहां प्री-कोलंबियन युग के मानव विज्ञान से जुड़ी कई विशिष्ट चीज़ें भी रखी हुई थीं.
ग्रीको-रोमन और मिस्र के दौर की भी बहुत सी चीज़ें भी इस म्यूज़ीयम में थीं.
साल 1818 में इस म्यूज़ियम की स्थापना की गई थी, इसका मकसद विज्ञान से जुड़ी रिसर्च को बढ़ावा देना और विशिष्ट खोज को एकत्रित करना था.
लोगों की प्रतिक्रियाएं
रियो के समाचार चैनल ग्लोबो टीवी के पत्रकार मारकेलो मोरेरा ने बीबीसी से कहा, ”यह बेहद दुखद है, इस म्यूज़ियम का एक पुराना इतिहास था.”


















