
छात्र के माता-पिता एराज लखनऊ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। प्रो. अशोक शर्मा ने छात्र का परीक्षण करने के बाद तय किया कि उसे स्वचलित हाथ लगाकर जीने की नई राह दी जाएगी। कई जांच के बाद प्रो. शर्मा ने छात्र के दाहिने हाथ की नस के चिन्हित मोटर प्वाइंटस पर मायोहैंड के सेंसर रख अंगुलियों का संचालन तथा ग्रिप की शक्ति का आंकलन किया। तीसरे दिन छात्र के स्ट प का निगेटिव मोल्ड बनाया गया। दूसरे सप्ताह पाजीटिव मोल्ड में मोटर प्वाइंट सेंसर्स लगा करकलाई के साथ चलने वाली अंगुलियां लगाकर डिमांस्ट्रेशन हुआ।
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