
दरअसल, 20 सितंबर 2016 को लखनऊ के गोमतीनगर में रहने वाले कक्षा आठ का ये छात्र नहाकर अपने छज्जे पर गया था तभी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से उसके दोनों हाथ जल गए थे। उसके दाहिने हाथ की मांशपेशियां पिघल गई थीं। प्राइवेट नर्सिंग होम में उसका दाहिना हाथ कोहनी के नीचे से काट दिया गया था। उसके जीवित रहने की इच्छा खत्म होने लगी थी। छात्र ने बताया कि तभी उसे किसी ने रीहेबिलीटेशन एक्सपर्ट प्रो. अशोक शर्मा के बारे में बताया। एराज लखनऊ मेडिकल कॉलेज में तैनात प्रो. अशोक शर्मा ने 1965 में केजीएमयू में आर्थो रीहेबिलीटेशन इकाई की शुरुआत की थी फिर वह पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए अमेरिका चले गए थे।
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