एनडीटीवी के अनुसार अगर सूत्रों की मानें तो डी कंपनी केवल उन शील कंपनियों द्वारा ही नहीं बल्कि हीरा ट्रेडिंग द्वारा भी पैसे विदेशों में बैठे अपने आकाओं के पास भेजती थी। पुलिस की जांच-पड़ताल में मुंबई के एक प्रमुख हीरा व्यापारी सूरत के उस वक़्त के कस्टम अधिकारी का नाम भी सामने आया है।
ईडी इकबाल के खिलाफ पहले ही पीएमएलए के तहत जाँच शुरू कर चुकी है। अब उसके खिलाफ शिकंजा कसने के लिए यह शील कंपनियां महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकती हैं।
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