2011 के बाद बढ़े हमले
– जनवरी 2011 में पूर्व प्रेसिडेंट होस्नी मुबारक का शासन खत्म होने के बाद से ही नॉर्थ सिनाई इलाके में हमले बढ़ गए थे। पूर्व इस्लामिस्ट प्रेसिडेंट मोहम्मद मुर्सी के निष्कासन के बाद पुलिस और मिलिट्री पर हमले और तेज हो गए।
– तब से अब तक मिस्र में 700 से ज्यादा सिक्युरिटी पर्सनल्स ने जान गंवाई है। 2014 में यहां सुसाइड बॉम्बिंग की घटना में 31 सैनिक मारे गए थे। इसके बाद प्रेसिडेंट अल-सीसी ने पेनिन्सुइला में स्टेट ऑफ इमरजेंसी का एलान तक कर दिया था।



















