बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना को आज (6 दिसंबर) पूरे 25 साल हो गए। ये एक ऐसी घटना थी जिसने पूरे देशे के धार्मिक सौहार्द को हिलाकर रख दिया था। 6 दिसंबर 1992 को हिंदू कार सेवकों की लाखों की भीड़ ने बाबरी मस्जिद के ढांचे को ढहा दिया। इस घटना के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसक घटनाएं हुईं। खुद उत्तर प्रदेश में भी जगह-जगह बड़े पैमाने पर दंगे हुए।
इस घटना में सैकड़ों ने अपने अजीज (प्रिय) लोगों को खो दिया। ऐसे ही एक पीड़ित बाबरी मस्जिद के इमाम हाजी अब्दुल गफ्फार के पोते मोहम्मद शाहिद हैं। जिनके दादा ने 22 दिसंबर, 1949 को बाबरी मस्जिद में आखरी बार नमाज पढ़ाई थी।



















