क़ुद्स ब्रिगेड के कमान्डर जनरल सुलैमानी ने कहा कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई और इराक़ के वरिष्ठ धर्मगुरु सैयद अली सीस्तानी के युक्तिपूर्ण नेतृत्व और दूरदृष्टि और मार्गदर्शन के कारण ही इस ज़हरीले तूफ़ान का मुक़ाबला करने के लिए संभावनाएं एकत्रित हुईं।
जनरल सुलैमानी ने बल दिया कि निश्चित रूप से सैयद हसन नसरुल्लाह के नेतृत्व में हिज़्बुल्लाह की शक्तिशाली उपस्थिति, इराक़ और सीरिया की सरकारों के डटने तथा इन देशों देशों की सेनाओं और युवाओं के डट जाने विशेषकर स्वयं सेवियों और दूसरे देशों के मुसलमान युवाओं के अथक संघर्ष की इस ख़तरनाक घटना को पराजित करने में निर्णायक भूमिका रही है।


















