अबु धाबी से लाहौर की फ्लाइट लेने के समय शरीफ ने कहा, ‘मुझे सीधे जेल ले जाया जाएगा, लेकिन मैं यह सब पाकिस्तान के लोगों के लिए कर रहा हूं। ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा। आओ साथ मिलकर पाकिस्तान का भाग्य बनाएं।’
पनामा मामले में देना पड़ा था इस्तीफा
आपको बता दें कि 2016 में पनामा पेपर केस में नाम आने के बाद नवाज शरीफ को जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। पेपर में बताया गया था कि शरीफ और उनके बच्चे (जिनमें मरियम भी शामिल हैं) ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड में कंपनी है। इन कंपनियों में नेस्कोल लिमिटेड, नीलसेन एंटरप्राइजेज लिमिटेड और हैंगोन प्रॉपर्टी होल्डिंग्स लिमिटेड की साल 1993, 1994 और 2007 में स्थापना की थी।
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने साल 2017 में मामले की जांच का आदेश दिया। मामले में पर्याप्त सबूत न मिलने की वजह से मामले को संयुक्त जांच समिति को भेजा गया था। जेआईटी (जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम) को पता चला कि शरीफ की ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड कंपनियों का इस्तेमाल शरीफ और उनके परिवार के लोगों के नाम पर संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। जेआईटी की जांच के आधार पर शरीफ के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया गया।
पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव
पाकिस्तान में चुनाव जुलाई 25 से होने हैं। इस मामले का असर पाकिस्तान के चुनाव पर भी होगा। तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा। शरीफ के खिलाफ याचिका देने वालों में एक इमरान खान भी थे।


















