उन्होंने कहा की ”उन्हें राष्ट्रपति एर्दोगान ने उनके साहसी जागरूक रुख के लिए उनका स्वागत किया था, उन्होंने कहा, आज अहद तमीमी फिलिस्तीनी की पहचान बन गयी है.”

दूत ने कहा कि अमेरिका ‘इजरायल की राजधानी के रूप में येरूशलम को पहचानने का एकतरफा निर्णय ना केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है, बल्कि ‘हमारी सभ्यता’ के खिलाफ भी है.


















