– कर्नाटक सीएम ने आगे कहा- टीपू जयंती के लिए सभी केंद्रीय और राज्य के नेताओं को न्योता भेजा गया है। अब ये उनकी मर्जी है कि वो इसे स्वीकार करते हैं या नहीं।

बता दें कि हेगड़े ने सिद्धारमैया के सेक्रेटरी और डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को लेटर लिखा है। इसमें कहा गया है कि उन्हें टीपू जयंती के प्रोग्राम का इनविटेशन ना भेजा जाए और ना ही इस प्रोग्राम में उन्हें शामिल किया जाए। ये प्रोग्राम 10 नवंबर को होना है।
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Conveyed #KarnatakaGovt NOT to invite me to shameful event of glorifying a person known as brutal killer, wretched fanatic & mass rapist. pic.twitter.com/CEGjegponl
— Anantkumar Hegde (@AnantkumarH) October 20, 2017
– 2015 में भी टीपू की जयंती मनाने को लेकर विवाद हुआ था। कर्नाटक सरकार ने उसी साल एलान किया था कि अब हर साल टीपू सुल्तान की जयंती मनाई जाएगी।
बीजेपी और संघ विरोध में
– बीजेपी और आरएसएस टीपू सुल्तान की जयंती मनाने का विरोध करते आए हैं। इनका आरोप है कि टीपू कन्नड़ और हिंदू विरोधी था।
– बीजेपी की सांसद शोभा करंडलजे ने भी कहा कि उनकी पार्टी टीपू जयंती मनाने का विरोध करेगी।

















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