संतोषी के पिता मानसिक रूप से बीमार हैं, जबकि उनकी मां और बहन दोनों रोजाना 90 रुपये तक कमाई करते हैं। बहुत दिक्कत से किसी प्रकार घर का खर्चा चल पा रहा है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से किसी ने भी कुछ नहीं खाया था।
बता दें कि जब राइट टू फूड कैंपेन के सदस्य और मंरेगा वाच इसकी जांच की तो पता चला कि सरकारी राशन दुकानदार ने आधार कार्ड लिंक नहीं होने से संतोषी कि मां कैला देवी और 10 अन्य लोगों के नामों को राशन पाने वाली लिस्ट हटा दिया था।

















