तो वह इस्राईल के लिए बहुत ख़तरनाक होगा। वे लिखते हैं कि इस धमकी से निबटने के लिए इस्राईल को सैन्य मार्ग नहीं अपनाना चाहिए बल्कि कूटनीति का सहारा लेना चाहिए।

इस इस्राईली जनरल का कहना है कि हालिया 6 वर्षों के दौरान इस्राईल की ख़ामोशी, हिज़बुल्लाह के सशक्त होने का कारण बनी है।



















