
मीडिया रिपोर्ट की अगर माने तो 21 हजार पौंड का ये शक्ति शाली बम आतंकी गुट के समीप नहीं वरन रिहायशी इलाके पर गिराया गया है, आपको बताते चलें की कुछ माह पूर्व अमरीका सीरया में अपनी सेना उतार रहा था भला ये कैसे मुमकिन है की सेना की मौजूदगी में आतंकवाद की ताक़त दिन दूनी फल फूल रही हो, ईराक़ी सेना की महतवपूर्ण सफलता को अमरीका सहन नहीं कर पा रहा था और आख़िरकार उसने बशर अल असद को बहाना बना कर सीरया की मज़लूम जनता पर टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलों की बारिश कर दी, गौर तालाब बात ये है की बमो की इस भयंकर बारिश में भी आतंकवादियोँ की लाशे नज़र नहीं आई,
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शईरात नामक इस गांव के निवासी असद अलख़ोद्र ने अपने घर से सिर्फ़ 40 मीटर की दूरी पर गिरे एक मिसाइल के टुकड़ों को हाथ में लेकर बतया कि किस तरह एयरबेस को निशाना बनाए जाने के समय यह मिसाइल उनके खेत में आकर गिरा।
एएफ़पी की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमरीकी मिसाइल हमले में गांव के कई निवासी मारे गए हैं और उनके घर ध्वस्त हो गए हैं।
गांव के एक अन्य निवासी का कहना था कि अमरीका ने यह कायरतापूर्ण हमला आतंकवादियों के समर्थन में किया है, इसलिए कि आतंकवादी इस इलाक़े में ख़ुद कुछ नहीं कर सके। इस हमले ने गांव के बच्चों और समस्त नागरिकों में भय पैदा कर दिया और घरों को नुक़सान पहुंचाया।
हालांकि शईरात गांव के निवासियों ने इस बात पर ख़ुशी जताई कि एयरबेस ने फिर से काम करना शुरू कर दिया है।
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माना जा रहा है कि ये बहुत बड़ा विस्फोट था, जिसका रेडियस 300 मीटर से अधिक था. अमेरिका ने जिस हथियार का इस्तेमाल किया है, उसे सभी बमों का पिता माना जाता है.
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यह बड़ा हमला उस वक्त आया है, जब कुछ दिन पहले नॉर्थ कोरिया ने अमेरिका को परमाणु हमले की धमकी दी थी.
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इस बम का वजन 21,000lbs बताया जा रहा है.


















