मुंबई में नहीं बिक रहे फ्लैट, बिल्डरों की बढ़ी बेचैनी
ऊँची कीमतें, महंगी ईएमआई और बदली खरीदारों की सोच से रियल एस्टेट बाज़ार पर असर
मुंबई ब्यूरो | शाहरनामा
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में रियल एस्टेट क्षेत्र नई चुनौती का सामना कर रहा है। कई इलाकों में तैयार फ्लैटों की बिक्री अपेक्षा से धीमी पड़ने के कारण बिल्डरों पर आर्थिक दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि विशेष रूप से प्रीमियम और लग्ज़री आवासीय परियोजनाओं में खरीदारों की संख्या उम्मीद से कम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में आवासों की कीमतें लगातार ऊँचे स्तर पर बनी हुई हैं। वहीं, होम लोन की ईएमआई, बढ़ती जीवन-यापन लागत और खरीदारों के अधिक सतर्क रवैये ने भी बिक्री की गति को प्रभावित किया है। कई खरीदार अब जल्दबाज़ी में निर्णय लेने के बजाय परियोजना, कीमत और भविष्य की संभावनाओं का विस्तार से आकलन कर रहे हैं।
बाज़ार में मांग बढ़ाने के लिए अनेक डेवलपर आकर्षक ऑफ़र लेकर आए हैं। कहीं आसान भुगतान योजना दी जा रही है तो कहीं स्टाम्प ड्यूटी में सहायता, इंटीरियर पैकेज या अन्य प्रोत्साहन की पेशकश की जा रही है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई में आवास की मूल मांग अभी भी मौजूद है, लेकिन खरीदार अब केवल अच्छी लोकेशन ही नहीं बल्कि उचित कीमत, समय पर परियोजना पूरी होने और विश्वसनीय डेवलपर को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
शाहरनामा सलाह
बिल्डरों के फ्रॉड और उनके दांव पेंच पर गहरी नज़र की ज़रूरत है
घर खरीदने से पहले RERA पंजीकरण, बिल्डर का रिकॉर्ड, परियोजना की प्रगति, भुगतान की शर्तें और कानूनी दस्तावेज़ों की पूरी जांच अवश्य करें। विशेषज्ञों का कहना है कि सोच-समझकर किया गया निवेश भविष्य में बेहतर लाभ दे सकता है।

















