2016 में तख्तापलट की नाकाम कोशिश के बाद से अर्दोआन तुर्की की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. तुर्की के बैंकों पास इतनी विदेशी मुद्रा नहीं है कि वो असंतुलित बाज़ार को काबू में करने के लिए कोई क़दम उठाए.
तुर्की में सत्ता का केंद्रीकरण और अर्थव्यवस्था
2016 में नाकाम तख्तापलट के बाद से अर्दोआन ने सत्ता का केंद्रीकरण कर लिया है. अब वो हर फ़ैसला ख़ुद लेते हैं. पिछले साल उन्होंने एक जनमत संग्रह कराया था जिसमें राष्ट्रपति शासन प्रणाली को मान्यता दिलाई थी.
इसी साल जून महीने में अर्दोआन ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत भी दर्ज की. अर्दोआन ने केंद्रीय बैंक के स्वतंत्र रूप से फ़ैसले लेने की क्षमता को भी अपने नियंत्रण में ले लिया है.
चुनाव में जीत के बाद अर्दोआन ने अपने दामाद को वित्त मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दे दी है. अर्दोआन के दामाद पूर्व बिज़नेस एग्जेक्युटिव रहे हैं. लीरा में जारी गिरावट से साफ़ है ससुर और दामाद की नीतियां अर्थव्यवस्था में फिट नहीं बैठ रही हैं.



















