लखनऊ की पहचान सिर्फ़ उसकी इमारतों से नहीं, बल्कि उन ख़ानदानी कारोबारों से भी रही है जिन्होंने शहर की तहज़ीब को गढ़ा। पुराने लखनऊ के अब्दुल अज़ीज़ रोड पर स्थित अहमद मंज़िल इसी परंपरा की एक अह... Read more
मुंबई में रमज़ान के आग़ाज़ के साथ ही शहर का मिज़ाज बदल जाता है। सहरी की ख़ामोशी से लेकर इफ्तार की रौनक़ तक, हर गली-कूचे में इबादत और इंसानियत का रंग गाढ़ा दिखता है। मस्जिदें रोशनी से नहाई रह... Read more
लखनऊ में रमज़ान के चाँद के साथ ही शहर की फ़िज़ा बदल जाती है। सुबह सहरी की ख़ामोशी और शाम इफ्तार की गहमागहमी—दोनों मिलकर अवध की तहज़ीब को नई रौशनी दे देते हैं। पुराने लखनऊ से लेकर नए इलाक़ों... Read more
विंटेज कारें सिर्फ़ सवारी नहीं होतीं, वे अपने दौर की तकनीक, शानो-शौकत और सामाजिक हैसियत का बयान होती हैं। मोटे स्टील के ढांचे, हाथ से बने पार्ट्स, लकड़ी और चमड़े का इस्तेमाल—इन कारों को आज भ... Read more
टेक्नोलॉजी से मौसम को कंट्रोल करना कितना फायदेमंद और कितना नुकसानदायक? इकोसिस्टम पर असर पड़ सकता है। वाइल्डलाइफ और मरीन सिस्टम को नुकसान हो सकता है। टेक्नोलॉजी से मौसम को कंट्रोल करना एक बहु... Read more
न्यूयॉर्क: चांद पर दुनिया का पहला होटल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मीडिया सोर्स के मुताबिक, अमेरिकी कंपनी ने दावा किया है कि वह 2032 तक चांद पर दुनिया का पहला होटल बनाएगी, जहां टूरिस्ट को... Read more
By : Prof . Nehaluddin Ahmad बिना पूछे इश्क़ क्यों आ गया ज़िंदगी में, फ़सले बहार बनके यूँ छा गया ज़िंदगी में। जिस पे रखी थी दिल-ए-सब्र की बुनियाद, ज़ख़्म पे ज़ख़्म मगर वो दे गया ज़िंदगी में।... Read more
उस परिवार की याद में बना स्मारक जो मशहद की तरफ रास्ते में भारी बर्फबारी के कारण इमाम अल-रेज़ा (अ.स.) की ज़ियारत के लिए मशहद नहीं पहुँच पाए और सभी की मौत हो गई। इमाम अल-रेज़ा के पवित्र दरगाह... Read more
अगर आप मुंबई घूमने जा रहे हैं, तो मोहम्मद अली रोड की चहल-पहल के बीच सुलेमान उस्मान का अफलातून चखना एक यादगार अनुभव हो सकता है। मुंबई की ‘अफलातून’ (Aflatoon) एक बेहद मशहूर और पुरा... Read more
व्हाइट हाउस के पर्दे के पीछे क्या हुआ? मेलानिया ट्रंप की नई डॉक्यूमेंट्री का ट्रेलर रिलीज़ Amazon MGM Studios ने लगभग $40 मिलियन में फिल्म के राइट्स खरीदे हैं अमेरिकन फर्स्ट लेडी और प्रेसिडे... Read more














