सुप्रीम कोर्ट ने ‘International Satanist Movement’ को चरमपंथी घोषित किया
मॉस्को: रूस के सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई 2025 को तथाकथित “International Satanist Movement” को चरमपंथी घोषित करते हुए रूस में उसकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया। यह फैसला रूस के जनरल प्रॉसीक्यूटर की याचिका पर आया।

रूसी अभियोजन का आरोप था कि इस आंदोलन की विचारधारा में पारंपरिक धर्मों के प्रति नफरत और दुश्मनी शामिल है तथा इसके अनुयायियों से जुड़े कुछ मामलों में चरमपंथ और हिंसा के आरोप सामने आए हैं। हालांकि ये रूसी अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोप हैं, इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
नहीं—यह दावा भ्रामक है।
रूस के फैसले में प्रतिबंधित संगठन और उसकी गतिविधियों को निशाना बनाया गया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को केवल निजी तौर पर Satanism में विश्वास रखने या पूजा करने के लिए स्वतः 8 साल की जेल होगी।
हाँ, प्रतिबंधित संगठन की प्रचार गतिविधियों या उसकी प्रतिबंधित प्रतीकों की सार्वजनिक प्रदर्शनी पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। रूसी कानून में चरमपंथी संगठनों की प्रतीकात्मक सामग्री के प्रचार या सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रशासनिक और कुछ परिस्थितियों में आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान है
रूसी अदालतों के बाद के मामलों में Baphomet, उलटी पेंटाग्राम और अन्य चिन्हों को इस प्रतिबंधित आंदोलन की प्रतीकात्मकता के उदाहरण के रूप में माना गया है।

















