ओवैसी ने बोर्ड की तीन दिवसीय बैठक के समाप्त होने के बाद बोर्ड की ओर से आयोजित सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए नदवी पर बोर्ड के रुख से अलग जाने पर निशाना साधते हुए कहा, कि ‘बाबरी मस्जिद पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।’
नदवी ने शुक्रवार को शुरू हुई बोर्ड की 26वीं पूर्ण बैठक की पूर्वसंध्या पर बेंगलुरु में श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की थी और यह प्रस्ताव रखा था, कि ‘6 दिसंबर, 1992 तक जिस जमीन पर बाबरी मस्जिद खड़ी थी, उस जमीन को राम मंदिर निर्माण के लिए छोड़ देना चाहिए। किसी और जमीन पर मस्जिद का निर्माण करना चाहिए।’

















