इस दौरान सरकार के मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला भी मौजूद थे लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
कई वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी घायल हुए हैं।
अभी तक किसी भी व्यक्ति या संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
तालिबान ने इन विस्फोटों के पीछे अपना हाथ होने से इंकार करते हुए इसके लिए सरकार के आंतरिक विरोधी गुटों को जिम्मेदार ठहराया है।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि इन हमलों में उनके संगठन की कोई भूमिका नहीं है।
गौरतलब है कि काबुल में ट्रक बम विस्फोट में 80 लोगों के मारे जाने और 460 लोगों के घायल होने के बाद लोग कल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
इसी दौरान झड़पों में मोहम्मद सलीम की मौत हो गयी।


















