इसके अलावा गुफा में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए पाइप के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है. बताया गया कि गुफा के अंदर पांच किलोमीटर लंबा पाइप भेजने की योजना है, जिसके जरिए गुफा के ऑक्सीजन लेवल को नियंत्रित किया जा सके ताकि टीम के पहुंचने तक बच्चे और उनके कोच ऑक्सीजन की कमी का शिकार न हो सकें.
रेस्क्यू के दौरान एक जवान की मौत
बच्चों को बचाने में मदद करते हुए ऑक्सीजन की कमी के कारण सेना के एक पूर्व नेवी सील की मौत हो चुकी है. चिआंग राय के डिप्टी गवर्नर पास्साकोर्न बूनयालक ने कहा, ‘स्वेच्छा से मदद करने वाले एक पूर्व नेवी सील की गुरुवार रात करीब 2 बजे मौत हो गई.’ गोताखोर की पहचान समन कुनोंत के तौर पर हुई है. कुनोंत थाम लुआंग गुफा के भीतर एक स्थान से वापस आ रहे थे.
















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