हारेट्ज़ के लेख में लेखक लिखते हैं कि सऊदी अरब यमन से युद्ध कर रहा है, फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास को दूसरों के साथ संबंध मज़बूत करने की ओर सचेत कर रहा है, वाशिंग्टन पर दबाव डाल रहा है ताकि वह ईरान विरोधी कार्यवाही करे और यह सब इस्राईल की प्रसन्नता का कारण है।
इस्राईली समाचार सऊदी अरब को ज़ायोनी शासन की उपस्थिति के जारी रखने की गैरेंटी बताते हुए लिखता है कि सऊदी अरब की कार्यवाहियों ने इस्राईल को सुरक्षा का एहसास दिलाया क्योंकि तेल अवीव को यह विश्वास था कि अरब देश इस्राईल के विनाश के लिए प्रयास कर रहे हैं किन्तु सऊदी अरब के कारण इस्राईली केवल ईरान को ही अपना एकमात्र दुश्मन समझते हैं।
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