लोकसभा चुनाव होने में अब 100 दिन से भी कम का समय बचा है. चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल सबसे बड़ा राजनीतिक अखाड़ा बनता नजर आ रहा है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फ्रंटफुट पर आकर भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रही हैं.

पहले महागठबंधन की संयुक्त रैली और सीबीआई विवाद के साथ ही ममता बनर्जी ने 20 दिन के अंदर ही दूसरी बार विपक्ष को एक छतरी के नीचे ला दिया.
2014 में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए की सरकार आने के बाद से ही ममता बनर्जी का रुख आक्रामक रहा है. विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव और अब लोकसभा चुनाव में बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच की जंग तेज होती जा रही है. रविवार को जब सीबीआई का विवाद गर्माया, तब ममता बनर्जी ने मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया.
.@ArvindKejriwal on #CBIvsMamata : Whatever central govt did in West Bengal is very dangerous, against constitution & democracy…
Every state has an elected govt, if PM sends CBI & ED like this & try to scare the officers then this country will not be safe. pic.twitter.com/6ohNNWjONj
— Ankit Lal 🏹 (@AnkitLal) February 4, 2019
एकाएक समूचा विपक्ष ममता के समर्थन में सामने आता गया. राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, अरविंद केजरीवाल, एचडी देवगौड़ा, एमके स्टालिन, फारुक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला समेत कई विपक्षी नेताओं ने ममता बनर्जी से फोन पर बात की और अपना समर्थन जताया. इसके अलावा कई नेताओं ने ट्विटर के जरिए ममता बनर्जी का साथ दिया.
I spoke with Mamata Di tonight and told her we stand shoulder to shoulder with her.
The happenings in Bengal are a part of the unrelenting attack on India’s institutions by Mr Modi & the BJP.
The entire opposition will stand together & defeat these fascist forces.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 3, 2019
बीते 20 दिनों में ये दूसरा मौका है जब विपक्ष ने एकजुटता का प्रदर्शन किया है और दोनों ही बार इसकी अगुवाई ममता बनर्जी ने की है. 19 जनवरी, 2019 को ममता बनर्जी ने ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में महागठबंधन की रैली बुलाई, जिसमें करीब 22 दलों के नेता शामिल हुए थे. रैली में जुटी भीड़ ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं और ममता ने अपनी ताकत का एहसास कराया था.
#Assualtondemocracy – blatant misuse of CBI in #WestBengal to intimidate the opposition and settle political scores.
— Sharad Pawar (@PawarSpeaks) February 3, 2019
अब एक बार फिर 3 फरवरी, 2019 को जब सीबीआई का विवाद गहराया, तो हर कोई ममता बनर्जी के साथ आया है. एक बार फिर विपक्ष के करीब 20 से अधिक नेताओं ने ममता बनर्जी का खुला समर्थन का ऐलान किया है.
किन नेताओं ने ममता के समर्थन में किया ट्वीट
1. राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष
2. अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष
3. अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री दिल्ली (AAP)
4. एचडी देवगौड़ा, पूर्व प्रधानमंत्री (JDS)
5. उमर अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर (NC)
6. एचडी कुमारस्वामी, मुख्यमंत्री कर्नाटक (JDS)
7. तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री (RJD)
8. लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री (RJD)
9. यशवंत सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री
10. चंद्रबाबू नायडू, मुख्यमंत्री आंध्र प्रदेश (TDP)
11. महबूबा मुफ्ती, PDP
12. हेमंत सोरेन, JMM
13. शरद पवार, NCP
14. एमके स्टालिन, DMK
15. राज ठाकरे, MNS
16. शरद यादव, पूर्व प्रमुख JD (U)
17. जिग्नेश मेवाणी
इनके अलावा भी कई लोगों ने मीडिया के सामने आकर ममता बनर्जी का समर्थन किया.
ममता ने दिखाया दम, बनी विपक्ष की नेता नंबर 1!
लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को टक्कर देने के लिए बीते काफी लंबे समय से महागठबंधन की बात चल रही थी, लेकिन हर बार बात नेता पर आकर अटकती दिख रही थी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व पर कई दलों ने खुले तौर पर हामी भरने से दूरी ही बनाई रखी.
Live from the press conference in New Delhi. https://t.co/UP61qurBrh
— N Chandrababu Naidu (@ncbn) February 4, 2019
लेकिन इन सभी घटनाक्रमों के बीच ममता बनर्जी ही ऐसे नेता के तौर पर उभरी हैं, जिनकी एक आवाज पर विपक्ष एक साथ नजर आया. साफ है कि ममता लगातार गैर बीजेपी, गैर कांग्रेस विकल्प की बात करती रही हैं, ऐसे में क्षेत्रीय दलों को साथ लाकर और लगातार इस तरह शक्ति प्रदर्शन कर वह अपनी सियासी पिच को मजबूत करती जा रही हैं.














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