ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि वह आतंकवादी कार्यवाही करने वाले लोगों की स्वयं से जल्द स्वतंत्र होने की व्यवस्था को बदलना चाहते हैं जबकि दूसरी ओर लंदन में दो फ़रवरी चाक़ू मार कर लोगों को घायल करने की घटना की ज़िम्मेदारी दाइश ने स्वीकार कर ली है।

एसोशीएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 20 वर्षीय नौयुवक सुदेश अमन ने जाली आत्मघाती जैकेट पहनी हुई थी जिसे लंदन में व्यस्त राजमार्ग साऊथ स्ट्रीट पर दो लोगों को चाक़ू से घायल करने पर पुलिसने गोली मार दी थी।
उक्त युवक इससे पहले किए गये आतंकी अपराध की सज़ा काट कर कुछ समय पहले ही जेल से रिहा हुआ था।
दाइश के प्रोपेगैंडा धड़े ने हमलावर को दाइश का लड़ाका क़रार दिया और कहा कि उसने यह हमला दाइश के विरुद्ध लड़ने वाले अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन में शामिल देशों के नागरिकों को निशाना बनाने की काल के जवाब में किया।
उक्त घटना के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि क़ानूनी मंत्री राबर्ट बुललैंड सज़ा पाने वाले अपराधियों की रिहाई की व्यवस्था में परिवर्तन के बारे में योजना की घोषणा करेंगे।
पत्रकारों से बात करते हुए उनका कहना कि मेरी परेशानी यह है कि हम उस व्यवस्था की ओर नहीं जाना चाहते जहां हमारी सुरक्षा एजेन्सियां सख़्त निगरानी करें जबकि हिरासत फिर भी शायद बेहतर है।
ज्ञात रहे कि सुदेश अमन को आतंकवादी हमले की योजना के शक में मई 2018 को गिरफ़्तार किया गया था, दिसम्बर 2018 में उसे अनेक अपराध करने की वजह से 3 से 4 महीने के लिए जेल भेज दिया गया था।















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