इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम नामक मस्जिद में नमाज़े जुमा सैकड़ों साल से आयोजित होती रही है और बहरैन की सत्ता पर आले ख़लीफ़ा शासन के क़ब्ज़े से पहले भी यहां के स्थानीय लोग पूरी स्वतंत्रता से इस मस्जिद में नमाज़ अदा करते रहे हैं।
बहरैनी सुरक्षा बलों ने 473 दिनों से दुराज़ क्षेत्र का घेराव कर रखा है कि जबकि इस देश के वरिष्ठ धर्म गुरु आयतुल्लाह शैख़ ईसा क़ासिम को 137 दिनों से घर में नज़रबंद कर रखा है।

















