डॉक्टर शोकी अल्लाम ने चरमपंथियों की आलोचना करते हुए कहा कि इस्लामी शरीयत मूल उद्देश्यों में आदमी की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है लेकिन उग्रवादियों के पासकिसी इंसान की कोई हैसियत नहीं है । वे खुलेआम लोगों की हत्याओं करते हैं।
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मुफ्ती मिस्र ने पिछले सप्ताह दो ईसाई चर्चों पर किए गए आतंकवादी हमलों की भी निंदा की और कहा कि पूजा स्थलों परहमलों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है। नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हर मज़हब की इबादतगाह के संरक्षण की हिदायत फ़रमाई। लेकिन आतंकवादी न केवल दूसरे धर्मों के पूजा स्थलों को निशाना बना रहे हैं बल्कि मस्जिदों में खून बहाने से भी चूकते नहीं हैं.
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