न्यूयार्क टाइम्ज़ ने लिखा है कि फ़्लेन ने अपने इस बयान से राष्ट्रपति ट्रम्प को गहरा आघात पहुंचाया है क्योंकि इससे पहले तक वह बार बार रूसी अधिकारियों से संपर्क के मामले मे एफ़बीआई की जांच को बाधित करते रहे थे।
क़ानूनी मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि अमरीका के राष्ट्रपति चुनावों में रूस के हस्तक्षेप के मामले की जांच कर रहे मूलेर जनरल फ़्लेन के बाद अब ट्रम्प के दामाद जेर्ड कूशनर से पूछताछ करेंगे।
वाशिंग्टन पोस्ट ने एक लेख में कहा है कि जनरल फ़्लेन के बयान से बहुत कुछ बदल जाएगा।
एटलांटिक मैगज़ीन के टीकाकार डेविड ग्राहम ने लिखा है कि अगर फ़्लेन छोटी मछली हैं तो फिर मुलेर के जाल में फंसने वाली बड़ी मछली कोन है? उनका अनुमान है कि ट्रम्प अब कई मामलों में मूलेर के जाल में फंसने वाले हैं।



















