
हत्या के इस घटना की रिपोर्ट एक घायल महिला ने पुलिस को दी थी। वह घायल अवस्था में जिला मुख्यालय अस्पताल में किसी पहुँचने में सफल हो गई और उसने बताया कि इसके अलावा तीन और घायल घटनास्थल से भागने में सफल हो गए थे। महिला की रिपोर्ट पर पुलिस की भारी सदस्यीय ने मौके पर पहुंच कर मुतवल्ली वहीद और उसके चार साथी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
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उपायुक्त ने बचे लोगों के हवाले से बताया है कि उसने अपने अनुयायियों को टेलीफोन के माध्यम से मजार पर बुलाया था और फिर उन्हें बारी बारी से अपने कमरे में बुलाया .पहले उन्हें कोई जहरीली दवा खिलाई, फिर उनके कपड़े उतार दिए और बारी सबको चाकू मार और डंडे मार मार कर हत्या कर दी है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से सोमवार इबादत आम है और सूफी बुजुर्गों के भक्त उनके मज़ारों में चढ़ावा चढ़ाते और नियाज़ें देते हैं।















