इस संबंध में समाचार पत्र वाशिंगटन पोस्ट ने भी लिखा है कि ट्रम्प सरकार ने म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ जारी हिंसा के मुद्दे पर कोई क़दम नहीं उठाया है जबकि संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार में चरमपंथी बौद्धों द्वारा इस देश की सेना के साथ मिलकर रोहिंग्या मुसलमानों को निशाना बनाए जाने की पुष्ट रिपोर्ट भी जारी की है और कहा है कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों का नरसंहार किया गया है जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने इस हिंसा को मानवता के ख़िलाफ़ एक बड़ा अपराध घोषित किया है। उल्लेखनीय है कि म्यांमार के राख़ीन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों पर इस देश की सेना और चरमपंथी बौद्धों के बर्बरतापूर्ण हमलों में छह हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं जबकि आठ हज़ार घायल हैं लाखों पीड़ित रोहिंग्या मुसलमान अपना देश छोड़कर पड़ोसी देशों विशेषकर बांगलादेश में शरण लेने पर मजबूर हो गए हैं।


















