बरेली के खैलम में यही हुआ था। पथराव हुआ। मुकदमें लिखे गए। सिंह के इस बयान पर प्रतिक्रियायें आनी शुरु हो गई हैं। सिंह ने कहा कि उन्होंने किसी की भावना को आहत करने के लिए यह नहीं लिखा था, बल्कि उनका आशय था कि ऐसे कार्यो से कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है। प्रशासन के साथ जनता भी परेशान होती है।
विकास कार्य बाधित होते हैं। उधर, राज्य सरकार ने सिंह के बयान को गम्भीरता से लिया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि अधिकारियों को स्थिति ठीक करने में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए। बयानबाजी से बचना चाहिए। सोशल मीडिया के जरिए बयान देना गलत है। स्थिति ठीक करने में सहयोग करें।
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