गोरखपुर में एक पंचर बनाने वाले युवक के नाम पर 100 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाली फर्जी कंपनी बनाकर 28 करोड़ रुपये की जीएसटी (GST) चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग द्वारा नोटिस जारी होने के बाद इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ।
इस घटना की मुख्य बातें और पूरा घटनाक्रम इस प्रकार है:
मुख्य विवरण और मामला
- पीड़ित की पहचान: गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग गांव के रहने वाले राज प्रजापति, जो सड़क किनारे एक छोटी सी पंचर की दुकान चलाते हैं।
- फर्जी कंपनी का नाम: जालसाजों ने उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर ‘मेसर्स गड़जेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड’ (Messrs Gadgetric Technology Pvt Ltd) नाम से फर्जी कंपनी रजिस्टर्ड कराई थी।
- बैंक खाता: आरोपियों ने पीड़ित के नाम पर ‘यस बैंक’ (Yes Bank) में एक खाता भी खुलवा रखा था।
- घोटाले की राशि: कंपनी का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से अधिक दिखाया गया था, जिस पर 28 करोड़ रुपये का CGST बकाया है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
- मजबूरी का फायदा: साल 2024 में राज प्रजापति को अपनी बहन की शादी के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी।
- दस्तावेजों का दुरुपयोग: गांव के ही एक परिचित व्यक्ति ने उन्हें लोन दिलाने का झांसा दिया। लोन प्रक्रिया के नाम पर उसने राज के आधार कार्ड, पैन कार्ड ले लिए, कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए और दो बार उनका वीडियो वेरिफिकेशन भी करा लिया। [1, 2, 3]
- बिना जानकारी के फ्रॉड: पीड़ित को भनक भी नहीं लगी कि उसके इन दस्तावेजों और वीडियो साइन का इस्तेमाल कर इतनी बड़ी शेल कंपनी (फर्जी फर्म) खड़ी कर दी गई थी।
मामले का खुलासा कैसे हुआ?
- CGST की जमीनी जांच: फरवरी 2026 में वाराणसी CGST विभाग को जांच के दौरान इस कंपनी द्वारा भारी टैक्स चोरी का पता चला। मार्च 2026 में जब विभाग की टीम जांच के लिए दर्ज पते (रामपुर बुजुर्ग) पर पहुंची, तो वहां आलीशान दफ्तर के बजाय एक युवक पंचर बनाता हुआ मिला।
- सरकारी समन: मामला तब पूरी तरह उजागर हुआ जब वाराणसी CGST कार्यालय से राज प्रजापति के नाम आधिकारिक समन जारी हुआ, जिसे देखकर पीड़ित और उसके परिवार के होश उड़ गए।
वर्तमान स्थिति और कार्रवाई
- पीड़ित राज प्रजापति ने गोरखपुर के एम्स थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
- पुलिस और जीएसटी विभाग की टीमें इस ‘म्यूल अकाउंट’ और पहचान चोरी (Identity Theft) के पीछे काम कर रहे पूरे जालसाज नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं।
















