नई दिल्ली, महाराष्ट्र में मीट बैन को लेकर शिवसेना ने जैन समुदाय पर निशाना साधा है। जानकारी के अनुसार, शिवसेना के मुखपत्र सामना में जैन समुदाय को धमकी दी गई है, जिसमें लिखा है कि जैन समुदाय मुस्लिम तुष्टिकरण की राह पर ना जाए।
शिवसेना ने सामना में कहा है कि मुस्लिमों के रास्ते पर जैन समाज चलने लगा है। मुसलमानों के लिए तो पाकिस्तान है, लेकिन जैन कहां जाएंगे। मुंबई दंगों के दौरान हिंसा करने में जैन समाज भी आगे था। धर्म में अंधे जैन समाज का भगवान ही भला करेगा।
ये भी लिखा गया है कि धर्म के नाम पर शाकाहार को जैन समुदाय थोप रहा है। जैन समुदाय ही मीट बैन के लिए जिम्मेदार है। गौरतलब है कि जैन समाज के पर्व पर्यूषण के दौरान मीट बिक्री पर बैन लगाया गया है। सामना में यह भी लिखा है कि भूमि पुत्रों से दुश्मनी लेंगे तो मिट्टी खानी पड़ेगी। सिर्फ जैन समाज ही शाकाहारी नहीं हैं।
सामना के संपादकीय में यह साफ लिखा है कि पहले रुढिवादी मुस्लिम ही धर्म के नाम पर परेशान करते थे। अगर अब अल्पसंख्यक जैन समुदाय भी ऐसी मांगों पर अड़ेगा तो भगवान ही उन्हें बचा पाएगा। शिवसेना ने कहा कि अहिंसा के नाम पर किसी को उसके खाने से दूर करना भी एक तरह से हिंसा ही है। जैन समाज का अर्थव्यवस्था पर दखल है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वे अपनी मांगों को मनवाने पर अड़ जाए। उन्होंने लिखा कि ये शिवाजी का महाराष्ट्र है और ऐसे लोगों से निपटना हमें आता है।
शिवसेना प्रमुख ने लिखा कि जैन समुदाय के लोगों को ऐसी बेकार की मांगें उठाना बंद कर देना चाहिए, यह उनके लिए अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि पयूर्षण पर्व पहले भी मनाया जाता रहा है लेकिन पहले कभी मीट का विरोध नहीं हुआ तो अब क्यों। शिवसेना प्रमुख ने लिखा कि पर्व के नाम पर महाराष्ट्र को बांटने का काम नहीं करें। जियो और जीने दो के सिद्धांत पर चलते हुए जिसे जो खाना है खाने दो। धर्म के नाम पर किसी की निजता में दखल मत दें। मीट बैन की मांग को लेकर दिनों महाराष्ट्र की राजनीति सरगर्म हो रखी है।(livehindustan.com)





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