– कुछ कंपनियां यह भी चाहती हैं कि टेलिकॉम रेग्युलेटरी ट्राई डाटा ट्रांसफर की मिनिमम स्पीड 512 केबीपीएस से घटाकर 64 केबीपीएस कर दे, ताकि लिमिट खत्म होने के बाद कस्टमर इंटरनेट यूज कर ही न सके और बूस्टर रिचार्ज करवाए। इसलिए कंपनियों ने ‘फेयर यूजेस पॉलिसी’ बनाई है। इसके पीछे तर्क है कि सभी कस्टमर को एक जैसा डाटा मिले, लेकिन इससे कस्टमर का नुकसान ही है।


















