आले ख़लीफ़ा शासन ने शैख़ ईसा क़ासिम की नागरिकता ख़त्म कर दी और उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही करते हुए उन्हें जून 2016 से देराज़ इलाक़े में नज़रबंद कर रखा है।

बहरैन के मानवाधिकार संघ का कहना है कि आले ख़लीफ़ा शासन की कठोर सुरक्षा कार्यवाही के कारण डॉक्टर शैख़ ईसा क़ासिम की देखभाल नहीं कर पा रहे हैं।



















