बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तरफ से कई बार इस स्टेशन का नाम बदलकर ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन’ करने की मांग उठती रही है. उम्मीद की जानी चाहिए कि ‘मॉब लिंचिंग’ में रुचि रखने वालों को इस स्टेशन से गुजरते हुए उपाध्यायजी का एकात्म मानवतावाद याद आता रहेगा.



















