2002 में तत्कालीन पीएम वाजपेयी ने भी नाम बदलने की कोशिश की थी
अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से पहले भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने शासनकाल के दौरान इस स्टेशन का नाम बदलने का प्रयास किया था.
लेकिन, सरकार की यह योजना परवान नहीं चढ़ पाई थी. अब ऐसे व्यक्ति के शासनकाल में फिर से यह कवायद शुरू हुई है, जिनसे अटल को वर्ष 2002 में कहना पड़ा था, “आपने राजधर्म नहीं निभाया.”
1968 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का निधन हुआ था
अब प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के प्रयास से जल्द ही यह स्टेशन नए रूप में सबके सामने आएगा. 1968 में कानपुर से पटना के सफर पर निकले पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मृत शरीर मुगलसराय स्टेशन पर रेलवे यार्ड में पाया गया था. हालांकि, उस समय उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी.



















